पीढ़ियों के बीच ज्ञान का बदलता अधिकार: भारतीय गाँवों में बुजुर्गों से डिजिटल माध्यमों की ओर ज्ञान-स्रोतों के संक्रमण का समाजशास्त्रीय अध्ययन
Author(s): Dr. Roshni GuptaAbstract
भारतीय गाँवों में ज्ञान का निर्माण और प्रसारण लंबे समय तक पारिवारिक एवं सामुदायिक संबंधों पर आधारित रहा है जहाँ बुजुर्ग अनुभव परंपरा स्थानीय इतिहास कृषि सामाजिक व्यवहार और सांस्कृतिक जीवन से संबंधित ज्ञान के प्रमुख स्रोत रहे हैं। डिजिटल तकनीक के तीव्र विस्तार ने इस ज्ञान-व्यवस्था में महत्वपूर्ण परिवर्तन उत्पन्न किया है। स्मार्टफोन इंटरनेट सामाजिक माध्यम वीडियो मंच और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित प्रणालियाँ ग्रामीण युवाओं को ऐसे ज्ञान-स्रोत उपलब्ध करा रही हैं जो स्थानीय समुदाय की भौगोलिक सीमाओं से बाहर स्थित हैं। प्रस्तुत शोध-पत्र भारतीय गाँवों में बुजुर्गों से डिजिटल माध्यमों की ओर बदलते ज्ञान-अधिकार का समाजशास्त्रीय अध्ययन करता है। गुणात्मक द्वितीयक-स्रोत एवं व्याख्यात्मक पद्धति के माध्यम से अध्ययन ज्ञान-अधिकार पीढ़ीगत संबंध डिजिटल विभाजन सामाजिक पूँजी और स्थानीय ज्ञान से संबंधित साहित्य का विश्लेषण करता है। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि डिजिटल माध्यम बुजुर्गों की ज्ञानगत भूमिका को पूरी तरह समाप्त नहीं कर रहे बल्कि ज्ञान पर उनके पारंपरिक अधिकार को पुनर्गठित कर रहे हैं। ग्रामीण युवा अब स्थानीय अनुभव और डिजिटल सूचना के बीच चयन तुलना और सत्यापन करने लगे हैं। यह परिवर्तन अवसरों के विस्तार के साथ-साथ पीढ़ियों के बीच ज्ञानगत दूरी भी उत्पन्न कर सकता है। अतः भविष्य की ग्रामीण ज्ञान-व्यवस्था में डिजिटल और पीढ़ीगत ज्ञान का समन्वय आवश्यक है।