डिजिटल दृश्यता और सामाजिक बहिष्करण: ऑनलाइन सार्वजनिक जीवन में पहचान प्रतिष्ठा और असमानता का अध्ययन
Author(s): Dr. Taksh MehtaAbstract
डिजिटल तकनीकों के विस्तार ने सार्वजनिक जीवन में पहचान प्रतिष्ठा और सामाजिक भागीदारी के स्वरूप को व्यापक रूप से बदल दिया है। सोशल मीडिया ऑनलाइन प्लेटफॉर्म डिजिटल सेवाओं और नेटवर्क आधारित संचार के माध्यम से व्यक्ति की सामाजिक दृश्यता अब डिजिटल उपस्थिति से भी निर्धारित होने लगी है। किंतु डिजिटल दृश्यता सभी व्यक्तियों और समुदायों के लिए समान नहीं है। आर्थिक स्थिति शिक्षा डिजिटल कौशल भाषा सामाजिक पृष्ठभूमि और तकनीकी संसाधनों की असमानता ऑनलाइन सार्वजनिक जीवन में भागीदारी को प्रभावित करती है। यह अध्ययन सामाजिक बहिष्करण डिजिटल विभाजन पहचान और प्रतिष्ठा की अवधारणाओं के आधार पर विश्लेषण करता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म किस प्रकार कुछ समूहों को अधिक दृश्य और कुछ को अदृश्य बनाते हैं। गुणात्मक एवं वैचारिक पद्धति पर आधारित यह अध्ययन द्वितीयक साहित्य तथा संस्थागत स्रोतों का उपयोग करता है। अध्ययन का मुख्य तर्क है कि डिजिटल दृश्यता सामाजिक अवसरों मान्यता और नागरिक भागीदारी का महत्वपूर्ण आधार बन रही है।