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राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 में शिक्षक की भूमिका का विश्लेषणात्मक अध्ययन
Author(s): डॉ. सुशील कुमार

Abstract
राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 में एक ऐसी शिक्षा व्यवस्था की कल्पना की गई है जिससे हर विद्यार्थी की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। 21वीं सदी के भारत में शिक्षा व्यवस्था कैसी होनी चाहिए? शिक्षा प्रणाली के अनेक आयाम—शिक्षक शिक्षार्थी समाज एवं पाठ्यचर्या के विषय में NEP-2020 में विस्तार से स्पष्ट किया गया है। शिक्षा नीति–2020 में ज्ञान को प्राचीन भारतीय परंपरा और भारतीय संस्कृति से जोड़ने की वकालत की गई है। इस नीति में शिक्षकों की भर्ती से लेकर उनके मूल्यांकन की व्यवस्था को सम्मिलित किया गया है। इस नीति का लक्ष्य शिक्षकों को 21वीं सदी के शिक्षक बनने की दिशा में तैयार करना है जिससे सबके लिए समावेशी बहुआयामी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा सके। इस नीति के तहत शिक्षकों के साल भर में कम से कम 50 घंटे का प्रशिक्षण लेना स्वीकार किया गया है। शिक्षकों के प्रशिक्षण को डिजिटल शिक्षा और क्रेडिट पॉइंट्स से जोड़ा गया है। NEP-2020 में शिक्षकों के सशक्तिकरण पर बल दिया गया है ताकि वे 21वीं सदी की चुनौतियों का सामना कर समानता व्यावहारिकता गुणवत्ता सुलभता मानवीयता और सामर्थ्य के सिद्धांतों के आधार पर विद्यार्थियों को इस प्रकार शिक्षित कर पायें जिससे एक ज्ञानवान ऊर्जावान समाज का निर्माण हो सके।