नई शिक्षा नीति 2020 और भारतीय उच्च शिक्षा का सामाजिक प्रभाव
Author(s): Prof. Ramesh MukherjeeAbstract
नई शिक्षा नीति 2020 भारतीय शिक्षा व्यवस्था में एक व्यापक और ऐतिहासिक परिवर्तन के रूप में सामने आई है जिसका उद्देश्य केवल शैक्षणिक ढाँचे में सुधार करना नहीं बल्कि भारतीय समाज की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा प्रणाली को अधिक समावेशी व्यावहारिक बहुआयामी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में यह नीति सामाजिक सांस्कृतिक आर्थिक तथा नैतिक स्तर पर गहरा प्रभाव उत्पन्न करती है। नई शिक्षा नीति ने शिक्षा को केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम न मानकर कौशल विकास व्यक्तित्व निर्माण सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रीय विकास का आधार माना है। इस नीति के माध्यम से बहुविषयक शिक्षा मातृभाषा में शिक्षण डिजिटल शिक्षा शोध एवं नवाचार अकादमिक लचीलापन कौशल आधारित पाठ्यक्रम तथा समान अवसर जैसी अवधारणाओं को विशेष महत्व दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप भारतीय उच्च शिक्षा प्रणाली में सामाजिक समावेशन रोजगारोन्मुखता लैंगिक समानता ग्रामीण सहभागिता तथा विद्यार्थियों की बौद्धिक स्वतंत्रता को नई दिशा मिली है। साथ ही यह नीति सामाजिक असमानताओं तकनीकी विभाजन संसाधनों की कमी और संस्थागत चुनौतियों जैसे मुद्दों को भी उजागर करती है। प्रस्तुत शोध पत्र में नई शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से भारतीय उच्च शिक्षा में उत्पन्न सामाजिक परिवर्तनों अवसरों चुनौतियों तथा उनके दीर्घकालिक प्रभावों का समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से विश्लेषण किया गया है।