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महात्मा गांधी के सामाजिक-राजनीतिक विचारों का तुलनात्मक अध्ययन
Author(s): Aruna Rajput

Abstract
महात्मा गांधी के सामाजिक-राजनीतिक विचार आधुनिक भारत की चेतना के केंद्र में स्थित हैं। उन्होंने सत्य अहिंसा स्वराज ट्रस्टीशिप और ग्रामस्वराज जैसे सिद्धांतों के माध्यम से न केवल स्वतंत्रता-आंदोलन का मार्गदर्शन किया बल्कि एक वैकल्पिक समाज और शासन की अवधारणा भी प्रस्तुत की। यह शोध-पत्र गांधी के सामाजिक-राजनीतिक दर्शन का तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत करता है—जिसमें उनके विचारों की तुलना समकालीन भारतीय और पश्चिमी चिंतकों जैसे नेहरू अंबेडकर टॉलस्टॉय और रुसो से की गई है। अध्ययन का उद्देश्य गांधी के विचारों की प्रासंगिकता का आकलन करना है विशेषकर इक्कीसवीं सदी के लोकतांत्रिक वैश्वीकरण-प्रधान और उपभोक्तावादी समाज में।