भारतीय संविधान में मौलिक अधिकारों का विकास: एक विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण
Author(s): Akash TiwariAbstract
भारतीय संविधान विश्व के उन अल्पसंख्यक संविधानों में से एक है जिसने नागरिकों को व्यापक मौलिक अधिकार प्रदान किए हैं। ये अधिकार न केवल व्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करते हैं बल्कि लोकतांत्रिक शासन को नैतिक वैधता भी प्रदान करते हैं। प्रस्तुत शोध-पत्र भारतीय संविधान में मौलिक अधिकारों के विकास का विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तुत करता है। इसमें अधिकारों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि दार्शनिक आधार संवैधानिक व्याख्या न्यायिक दृष्टांत और समकालीन चुनौतियों का विश्लेषण किया गया है। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि मौलिक अधिकार स्थिर अवधारणा नहीं बल्कि समय और समाज के अनुरूप विकसित होती जीवंत प्रणाली हैं जो लोकतंत्र की आत्मा का निर्माण करती हैं।