स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाओं की भूमिका का ऐतिहासिक मूल्यांकन
Author(s): Bharat SharmaAbstract
भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन केवल राजनीतिक मुक्ति का संघर्ष नहीं था बल्कि यह सामाजिक जागरण लैंगिक समानता और सांस्कृतिक पुनर्निर्माण की भी प्रक्रिया थी। इस आंदोलन में भारतीय महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। उन्होंने न केवल ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष किया बल्कि समाज में स्त्री के प्रति दृष्टिकोण को भी परिवर्तित किया। यह शोध-पत्र भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी का ऐतिहासिक मूल्यांकन प्रस्तुत करता है—प्रारंभिक सामाजिक सुधार आंदोलनों से लेकर स्वाधीनता की प्राप्ति तक। लेख में यह भी विश्लेषित किया गया है कि कैसे स्त्रियों ने राष्ट्रवाद को मानवीय दृष्टि दी और स्वतंत्रता के विचार को घरेलू से सार्वजनिक जीवन तक विस्तारित किया।