एकात्म मानववाद और पश्चिमी मानववाद का तुलनात्मक श्चवश्लेषण
Author(s): डॉ मुकेश शुक्लाAbstract
एकात्म मानववाद और पश्चिमी मानववाद के तुलनात्मक अध्ययन का उद्देचय मनुष्य समाज और सभ्यता के संबंधों को दो भिन्न वैिाररक परंपराओं के संदिभ में समझना है जहााँ एक ओर िारतीय चितं न की समन्वयवादी आध्याश्त्मक सांस्कृ ततक और सामूहहक दृश्ष्ि से तनभमभत एकात्म मानववाद है वहीं दूसरी ओर यूरोपीय पुनजाभगरण प्रबोधन व्यश्ततवाद तकभवाद और मानवाचधकार केश्न्ित वविारधाराओं से ववकभसत पश्चिमी मानववाद है। दोनों परंपराएाँ मनुष्य को कें ि में रखती हैं परंतु मनुष्य की प्रकृतत उसकी आवचयकताओं उसके उद्देचय और उसके सामाश्जक–राजनीततक संबंधों की व्याख्या दोनों में पूणभतः भिन्न आधारों पर की जाती है। िारतीय एकात्म मानववाद मनुष्य को शरीर मन बुद्चध और आत्मा के िार आयामी समश्न्वत अश्स्तत्व के रूप में देखता है जबकक पश्चिमी मानववाद मुख्यतः शरीर और बुद्चध को प्राथभमकता देता है और आत्मा या आध्याश्त्मक तत्व को दाशभतनक ववमशभ से प्रायः बाहर रखता है।