आधुनिक समाज में पारिवारिक विघटन
Author(s): Dr. Mahesh ChandraAbstract
आधुनिक समाज तीव्र सामाजिक आर्थिक सांस्कृतिक एवं तकनीकी परिवर्तनों के दौर से गुजर रहा है। इन परिवर्तनों का सर्वाधिक प्रभाव पारिवारिक संस्था पर पड़ा है। परिवार जो कभी सामाजिक स्थिरता संस्कारों के हस्तांतरण और भावनात्मक सुरक्षा का प्रमुख केंद्र था आज विघटन की स्थिति में दिखाई देता है। संयुक्त परिवारों का विघटन एकल परिवारों की बढ़ती संख्या दांपत्य संबंधों में तनाव पीढ़ीगत टकराव आर्थिक दबाव शहरीकरण औद्योगीकरण वैश्वीकरण और डिजिटल संस्कृति जैसे कारकों ने पारिवारिक ढांचे को कमजोर किया है। यह शोध-पत्र आधुनिक समाज में पारिवारिक विघटन की प्रकृति कारणों स्वरूपों और सामाजिक प्रभावों का विश्लेषण प्रस्तुत करता है। साथ ही पारिवारिक विघटन के परिणामस्वरूप उत्पन्न सामाजिक समस्याओं—जैसे बच्चों का सामाजिकरण संकट वृद्धजनों की उपेक्षा मानसिक तनाव अपराध प्रवृत्ति तथा सामाजिक असंतुलन—पर भी विस्तार से चर्चा की गई है। अध्ययन का उद्देश्य पारिवारिक विघटन की जटिलताओं को समझते हुए समाज में परिवार की पुनर्स्थापना हेतु संभावित उपायों की पहचान करना है।