सामाजिक परिवर्तन में सूचना प्रौद्योगिकी की भूमिका
Author(s): Dr. Anupama MishraAbstract
सूचना प्रौद्योगिकी ने आधुनिक समाज की संरचना कार्यप्रणाली और चेतना में अभूतपूर्व परिवर्तन उत्पन्न किया है। बीसवीं शताब्दी के उत्तरार्ध से लेकर इक्कीसवीं शताब्दी तक सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी ने सामाजिक परिवर्तन की प्रक्रिया को तीव्र व्यापक और बहुआयामी बनाया है। परंपरागत समाज जहाँ सूचना के सीमित स्रोतों प्रत्यक्ष संपर्क और स्थानीय ज्ञान प्रणालियों पर आधारित था वहीं आधुनिक समाज डिजिटल नेटवर्क ऑनलाइन प्लेटफॉर्म सोशल मीडिया कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डेटा आधारित निर्णय प्रणालियों से संचालित हो रहा है। इस शोध पत्र का उद्देश्य यह विश्लेषण करना है कि सूचना प्रौद्योगिकी किस प्रकार सामाजिक संरचना सामाजिक संबंधों संस्कृति शिक्षा राजनीति अर्थव्यवस्था और नागरिक चेतना को प्रभावित कर रही है। अध्ययन में यह स्पष्ट किया गया है कि सूचना प्रौद्योगिकी केवल तकनीकी उपकरण नहीं है बल्कि यह सामाजिक परिवर्तन की एक सशक्त शक्ति है जो समानता सहभागिता और लोकतांत्रिक मूल्यों को बढ़ावा देने के साथ-साथ डिजिटल विभाजन निगरानी और सांस्कृतिक संकट जैसी चुनौतियाँ भी उत्पन्न करती है। यह शोध पत्र सामाजिक विज्ञान के दृष्टिकोण से सूचना प्रौद्योगिकी और सामाजिक परिवर्तन के अंतर्संबंध को समझने का प्रयास करता है।