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सामाजिक नीति और कल्याण राज्य की अवधारणा
Author(s): Dr. Dinesh Kumar Singh

Abstract
सामाजिक नीति और कल्याण राज्य की अवधारणा आधुनिक राजनीतिक-आर्थिक चिंतन की एक केंद्रीय धुरी रही है जिसका उद्देश्य नागरिकों के जीवन-स्तर को सुरक्षित और उन्नत बनाना है। औद्योगीकरण पूँजीवादी अर्थव्यवस्था सामाजिक असमानताओं तथा लोकतांत्रिक अपेक्षाओं के संदर्भ में राज्य की भूमिका केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित न रहकर शिक्षा स्वास्थ्य रोजगार सामाजिक सुरक्षा और सामाजिक न्याय के व्यापक दायरे तक विस्तारित हुई। यह शोध-पत्र सामाजिक नीति की सैद्धांतिक पृष्ठभूमि कल्याण राज्य की उत्पत्ति विकास मॉडल उपकरणों तथा समकालीन चुनौतियों का विश्लेषण करता है। विशेष रूप से विकासशील देशों खासकर भारत के संदर्भ में यह अध्ययन दर्शाता है कि किस प्रकार सामाजिक नीति ने गरीबी उन्मूलन समावेशन और मानव विकास को प्रभावित किया है। साथ ही नवउदारवादी वैश्वीकरण वित्तीय सीमाओं जनसांख्यिकीय बदलावों और शासन-क्षमता जैसी चुनौतियों के बीच कल्याण राज्य की प्रासंगिकता और पुनर्संरचना की संभावनाओं पर भी विचार किया गया है। शोध निष्कर्ष बताते हैं कि प्रभावी सामाजिक नीति के लिए अधिकार-आधारित दृष्टिकोण लक्षित हस्तक्षेप वित्तीय स्थिरता और उत्तरदायी शासन आवश्यक हैं।