लोकतंत्र और नागरिक सहभागिता
Author(s): डॉ. सूरज जैकबAbstract
लोकतंत्र केवल एक शासन प्रणाली नहीं है बल्कि यह नागरिकों की सक्रिय भागीदारी पर आधारित एक जीवन पद्धति है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों की भूमिका केवल मतदान तक सीमित नहीं होती बल्कि नीति निर्माण शासन की निगरानी सामाजिक विमर्श तथा जनहित के प्रश्नों में सक्रिय सहभागिता भी लोकतंत्र की सुदृढ़ता के लिए आवश्यक मानी जाती है। वर्तमान अध्ययन का उद्देश्य लोकतंत्र और नागरिक सहभागिता के पारस्परिक संबंधों का विश्लेषण करना तथा यह समझना है कि नागरिक सहभागिता किस प्रकार लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाती है। इस शोध में नागरिक सहभागिता के विभिन्न रूपों भारतीय लोकतंत्र में इसकी स्थिति तथा आधुनिक एवं डिजिटल युग में उभरती नई प्रवृत्तियों का विश्लेषण किया गया है। अध्ययन में द्वितीयक स्रोतों पर आधारित गुणात्मक शोध पद्धति अपनाई गई है। शोध से यह निष्कर्ष निकलता है कि सक्रिय जागरूक एवं संगठित नागरिक सहभागिता लोकतंत्र को उत्तरदायी पारदर्शी एवं समावेशी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।