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नई शिक्षा नीति और सामाजिक परिवर्तन: अवसर और चुनौतियाँ
Author(s): Prof. Nivedita Menon

Abstract
नई शिक्षा नीति 2020 भारतीय शिक्षा व्यवस्था में व्यापक संरचनात्मक वैचारिक और क्रियात्मक परिवर्तन का दस्तावेज है जिसका उद्देश्य शिक्षा को समग्र बहुविषयक लचीला कौशल-आधारित तथा समावेशी बनाना है ताकि भारत को ज्ञान-आधारित समाज में रूपांतरित किया जा सके। यह नीति केवल पाठ्यक्रमीय सुधार तक सीमित नहीं है बल्कि यह सामाजिक संरचना सांस्कृतिक पुनर्निर्माण आर्थिक गतिशीलता लैंगिक समानता डिजिटल सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय के आयामों को भी प्रभावित करती है। शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का प्रमुख साधन मानते हुए यह नीति प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल से लेकर उच्च शिक्षा तक एकीकृत ढांचा प्रस्तुत करती है जिसमें 5+3+3+4 संरचना मातृभाषा में शिक्षण बहु-विषयक विश्वविद्यालय अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट व्यावसायिक शिक्षा का एकीकरण तथा डिजिटल शिक्षण के विस्तार जैसे प्रावधान शामिल हैं। नई शिक्षा नीति सामाजिक गतिशीलता को बढ़ाने हाशिए पर स्थित समुदायों को मुख्यधारा में लाने तथा वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत की स्थिति सुदृढ़ करने की संभावनाएँ प्रस्तुत करती है किंतु इसके समक्ष संसाधनों की कमी डिजिटल विभाजन क्षेत्रीय असमानता शिक्षक प्रशिक्षण की अपर्याप्तता और कार्यान्वयन की जटिलताओं जैसी गंभीर चुनौतियाँ भी विद्यमान हैं। इस शोध का उद्देश्य नई शिक्षा नीति के माध्यम से संभावित सामाजिक परिवर्तन की प्रकृति दिशा और प्रभाव का समग्र विश्लेषण करना है जिससे यह स्पष्ट हो सके कि यह नीति भारतीय समाज को किस प्रकार पुनर्गठित कर सकती है और किन शर्तों पर यह परिवर्तन प्रभावी सिद्ध होगा।