ऑनलाइन गेमिंग और युवाओं का सामाजिक व्यवहार
Author(s): Prof. Shahid AminAbstract
आधुनिक तकनीकी युग में ऑनलाइन गेमिंग युवाओं के जीवन का अभिन्न अंग बन चुका है। डिजिटल उपकरणों की सुलभता और इंटरनेट की व्यापक पहुँच ने मनोरंजन के पारंपरिक साधनों को पीछे छोड़ते हुए ऑनलाइन गेमिंग को एक प्रमुख गतिविधि बना दिया है। यह न केवल समय व्यतीत करने का माध्यम है बल्कि युवाओं के मानसिक भावनात्मक और सामाजिक व्यवहार पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ रहा है। प्रस्तुत शोध-पत्र का उद्देश्य यह विश्लेषण करना है कि ऑनलाइन गेमिंग किस प्रकार युवाओं के सामाजिक व्यवहार को प्रभावित कर रहा है चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक। इस अध्ययन में यह पाया गया कि जहाँ एक ओर ऑनलाइन गेमिंग युवाओं में सहयोग रणनीतिक सोच और वैश्विक संचार कौशल को बढ़ावा देता है वहीं दूसरी ओर यह सामाजिक अलगाव आक्रामकता समय प्रबंधन की कमी और पारिवारिक संबंधों में दूरी का कारण भी बन सकता है। विशेष रूप से अत्यधिक गेमिंग युवाओं के वास्तविक जीवन के सामाजिक संपर्क को सीमित कर देती है जिससे उनके व्यवहार में परिवर्तन देखने को मिलता है। यह शोध समाजशास्त्रीय और मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से इस विषय का गहन अध्ययन प्रस्तुत करता है तथा इसके परिणामों के आधार पर संतुलित उपयोग की आवश्यकता पर बल देता है।