फास्ट लाइफस्टाइल और सामाजिक संबंधों का क्षय
Author(s): Prof. Mukul KesavanAbstract
आधुनिक युग में तीव्र जीवनशैली ने मानव जीवन के प्रत्येक आयाम को गहराई से प्रभावित किया है विशेष रूप से सामाजिक संबंधों के क्षेत्र में इसका प्रभाव अत्यंत व्यापक और चिंताजनक रूप में सामने आया है। आज का मनुष्य समय के अभाव प्रतिस्पर्धा के दबाव आर्थिक आवश्यकताओं और तकनीकी निर्भरता के कारण एक ऐसी जीवनशैली में जी रहा है जहाँ व्यक्तिगत संबंधों की गर्माहट और भावनात्मक निकटता धीरे-धीरे समाप्त होती जा रही है। पारंपरिक समाज में जहाँ परिवार मित्रता पड़ोसी संबंध और सामुदायिक जीवन प्रमुख भूमिका निभाते थे वहीं आज व्यक्ति अधिक आत्मकेंद्रित और एकाकी होता जा रहा है। सामाजिक संबंधों का यह क्षय केवल व्यक्तिगत स्तर तक सीमित नहीं है बल्कि यह सामाजिक संरचना सांस्कृतिक मूल्यों और सामूहिक चेतना को भी प्रभावित कर रहा है। इस शोध पत्र में फास्ट लाइफस्टाइल के विभिन्न आयामों का विश्लेषण करते हुए यह समझने का प्रयास किया गया है कि किस प्रकार यह जीवनशैली सामाजिक संबंधों के ह्रास का कारण बन रही है। साथ ही इसके सामाजिक मनोवैज्ञानिक और सांस्कृतिक प्रभावों का भी गहन अध्ययन प्रस्तुत किया गया है।