सोशल मीडिया और भारतीय लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी
Author(s): Prof. Seema ChauhanAbstract
इक्कीसवीं सदी में सोशल मीडिया ने भारतीय समाज राजनीति और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को गहराई से प्रभावित किया है। इंटरनेट स्मार्टफोन और डिजिटल संचार के विस्तार ने युवाओं को राजनीतिक चर्चाओं सामाजिक आंदोलनों और लोकतांत्रिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी का नया मंच प्रदान किया है। पहले जहाँ राजनीतिक भागीदारी सीमित संसाधनों पारंपरिक मीडिया और प्रत्यक्ष सभाओं तक सीमित थी वहीं आज फेसबुक एक्स इंस्टाग्राम यूट्यूब और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफ़ॉर्म युवाओं के लिए राजनीतिक अभिव्यक्ति और जनमत निर्माण के प्रमुख माध्यम बन चुके हैं। सोशल मीडिया ने युवाओं को सूचना तक त्वरित पहुँच विचारों के आदान-प्रदान सामाजिक जागरूकता और राजनीतिक सक्रियता का अवसर दिया है। इसके माध्यम से युवा केवल मतदाता के रूप में नहीं बल्कि जनमत निर्माता डिजिटल कार्यकर्ता और सामाजिक परिवर्तन के वाहक के रूप में उभरे हैं। दूसरी ओर फेक न्यूज़ ट्रोल संस्कृति डिजिटल ध्रुवीकरण घृणात्मक भाषण और भ्रामक प्रचार जैसी चुनौतियाँ लोकतांत्रिक मूल्यों को प्रभावित कर रही हैं। यह अध्ययन भारतीय लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी पर सोशल मीडिया के प्रभाव का समाजशास्त्रीय विश्लेषण प्रस्तुत करता है। शोध में यह समझने का प्रयास किया गया है कि डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म किस प्रकार राजनीतिक चेतना सामाजिक भागीदारी लोकतांत्रिक व्यवहार और युवाओं की वैचारिक संरचना को प्रभावित कर रहे हैं। साथ ही यह अध्ययन सोशल मीडिया के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पक्षों का मूल्यांकन करते हुए आधुनिक भारतीय लोकतंत्र में डिजिटल संस्कृति की भूमिका को स्पष्ट करता है।