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भविष्य उन्मुख भारतीय शिक्षा व्यवस्था : चुनौतियाँ अवसर एवं संभावनाएँ
Author(s): Dr. Sushma

Abstract
भारतीय शिक्षा व्यवस्था वर्तमान समय में तीव्र परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। वैश्वीकरण डिजिटलीकरण कृत्रिम बुद्धिमत्ता कौशल आधारित शिक्षा बहुविषयक अध्ययन तथा अनुसंधान एवं नवाचार जैसे कारकों ने शिक्षा के स्वरूप और उद्देश्यों में व्यापक परिवर्तन किए हैं। भविष्य की शिक्षा व्यवस्था का लक्ष्य केवल शैक्षणिक ज्ञान प्रदान करना नहीं बल्कि ऐसे विद्यार्थियों का निर्माण करना है जो रचनात्मक नवाचारी आत्मनिर्भर तकनीकी रूप से दक्ष तथा सामाजिक उत्तरदायित्व का निर्वहन करने में सक्षम हों। वर्तमान शिक्षा सुधारों ने शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक लचीला समावेशी एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाने का प्रयास किया है। इसके साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में अनेक चुनौतियाँ भी विद्यमान हैं जैसे डिजिटल असमानता गुणवत्तापूर्ण शिक्षकों की उपलब्धता आधारभूत संसाधनों की कमी रोजगारपरक शिक्षा का अभाव तथा अनुसंधान संस्कृति को सुदृढ़ करने की आवश्यकता। प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य भविष्य उन्मुख भारतीय शिक्षा व्यवस्था के प्रमुख आयामों वर्तमान चुनौतियों उपलब्ध अवसरों तथा संभावनाओं का विश्लेषण करना है। अध्ययन द्वितीयक स्रोतों पर आधारित है तथा उपलब्ध साहित्य सरकारी दस्तावेजों शोध पत्रों एवं शिक्षा संबंधी प्रतिवेदनों के आधार पर विषय का विश्लेषण प्रस्तुत करता है।