कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित प्रशासन और नागरिक सहभागिता: एक सामाजिक विज्ञान दृष्टिकोण
Author(s): Dr Ashna Vinamra JainAbstract
वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रशासनिक व्यवस्था तथा नागरिक सहभागिता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण परिवर्तनकारी शक्ति के रूप में उभर रही है। प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता दक्षता जवाबदेही तथा निर्णय निर्माण की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। दूसरी ओर नागरिकों को सरकारी सेवाओं तक अधिक सुलभ त्वरित तथा प्रभावी पहुँच प्रदान करने में भी इसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। डिजिटल शासन स्मार्ट शहरों ई-गवर्नेंस तथा ऑनलाइन जनसेवा प्लेटफार्मों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीकों का समावेश प्रशासन और नागरिकों के बीच संबंधों को पुनर्परिभाषित कर रहा है। यह शोध पत्र सामाजिक विज्ञान के दृष्टिकोण से प्रशासनिक संरचनाओं लोकतांत्रिक मूल्यों तथा नागरिक सहभागिता पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभावों का विश्लेषण करता है। साथ ही इसके लाभों चुनौतियों तथा भविष्य की संभावनाओं का अध्ययन करते हुए यह स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है कि किस प्रकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता अधिक उत्तरदायी समावेशी तथा नागरिक-केंद्रित प्रशासनिक व्यवस्था के निर्माण में सहायक सिद्ध हो सकती है।