स्मार्ट शहरों में आंतरिक प्रवासियों की पहचान समावेशन और सामाजिक चुनौतियाँ
Author(s): Dr Jyoti VermaAbstract
भारत में तीव्र शहरीकरण और स्मार्ट शहरों की अवधारणा ने विकास की नई संभावनाओं को जन्म दिया है। स्मार्ट शहरों का उद्देश्य तकनीकी नवाचार बेहतर आधारभूत संरचना तथा नागरिक सेवाओं के माध्यम से जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है। किंतु इन शहरों के विकास में आंतरिक प्रवासियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होने के बावजूद उनकी पहचान सामाजिक समावेशन तथा मूलभूत अधिकारों से जुड़ी अनेक समस्याएँ बनी हुई हैं। ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों से रोजगार शिक्षा और बेहतर जीवन की तलाश में आने वाले प्रवासी अक्सर अस्थायी निवास सामाजिक असुरक्षा पहचान पत्रों की अनुपलब्धता तथा सार्वजनिक सेवाओं तक सीमित पहुँच जैसी चुनौतियों का सामना करते हैं। यह शोधपत्र स्मार्ट शहरों में आंतरिक प्रवासियों की स्थिति का विश्लेषण करते हुए उनकी पहचान समावेशन और सामाजिक चुनौतियों का अध्ययन करता है। साथ ही यह स्पष्ट करने का प्रयास करता है कि समावेशी नीतियों और प्रभावी प्रशासनिक उपायों के माध्यम से प्रवासियों को स्मार्ट शहरों के विकास का समान भागीदार कैसे बनाया जा सकता है।