भारतीय परिवारों में पीढ़ीगत मूल्य संघर्ष: तकनीक रोजगार और सामाजिक अपेक्षाओं का अध्ययन
Author(s): Mr KamalAbstract
भारतीय समाज में परिवार एक महत्वपूर्ण सामाजिक संस्था के रूप में कार्य करता है जहाँ विभिन्न पीढ़ियाँ एक साथ रहकर सामाजिक सांस्कृतिक तथा नैतिक मूल्यों का आदान-प्रदान करती हैं। वर्तमान समय में तकनीकी विकास वैश्वीकरण शिक्षा के विस्तार तथा रोजगार के बदलते स्वरूपों ने पारिवारिक संबंधों और मूल्यों को गहराई से प्रभावित किया है। परिणामस्वरूप युवा और वृद्ध पीढ़ी के बीच विचारों जीवनशैली करियर विकल्पों तथा सामाजिक अपेक्षाओं को लेकर मतभेद बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। यह अध्ययन भारतीय परिवारों में उत्पन्न हो रहे पीढ़ीगत मूल्य संघर्ष का विश्लेषण करता है तथा यह समझने का प्रयास करता है कि तकनीक रोजगार और सामाजिक अपेक्षाएँ इस संघर्ष को किस प्रकार प्रभावित कर रही हैं। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि जहाँ युवा पीढ़ी स्वतंत्रता व्यक्तिगत विकास और आधुनिक जीवनशैली को महत्व देती है वहीं पुरानी पीढ़ी पारंपरिक मूल्यों सामाजिक मर्यादाओं तथा सामूहिक उत्तरदायित्वों को प्राथमिकता देती है। यह मूल्य संघर्ष पारिवारिक संवाद संबंधों और सामाजिक सामंजस्य को प्रभावित कर रहा है।