राजनीतिक वैधता के निर्माण में सामूहिक स्मृति की भूमिका: भारत के संदर्भ में एक विश्लेषणात्मक अध्ययन
Author(s): Prof Inder SinghAbstract
राजनीतिक वैधता किसी भी शासन व्यवस्था की स्थिरता स्वीकृति और प्रभावशीलता का आधार होती है। यह केवल संवैधानिक प्रावधानों अथवा प्रशासनिक दक्षता से निर्मित नहीं होती बल्कि समाज की ऐतिहासिक चेतना सांस्कृतिक अनुभवों और सामूहिक स्मृतियों से भी गहराई से प्रभावित होती है। सामूहिक स्मृति वह सामाजिक प्रक्रिया है जिसके माध्यम से कोई समुदाय अपने अतीत की घटनाओं संघर्षों उपलब्धियों तथा अनुभवों को संरक्षित और पुनर्स्मरण करता है। भारत जैसे बहुसांस्कृतिक और बहुभाषी देश में स्वतंत्रता संग्राम राष्ट्रीय आंदोलन सामाजिक सुधार आंदोलनों तथा ऐतिहासिक व्यक्तित्वों से जुड़ी स्मृतियाँ राजनीतिक वैधता के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। राजनीतिक दल राज्य संस्थाएँ तथा विभिन्न सामाजिक समूह इन स्मृतियों का उपयोग अपनी नीतियों विचारधाराओं और नेतृत्व को वैध ठहराने के लिए करते हैं। प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य भारत के संदर्भ में सामूहिक स्मृति और राजनीतिक वैधता के मध्य संबंध का विश्लेषण करना है तथा यह समझना है कि ऐतिहासिक स्मृतियाँ समकालीन राजनीतिक प्रक्रियाओं को किस प्रकार प्रभावित करती हैं।