नागरिकता सम्मान और पहचान की राजनीति: समकालीन भारत में सामाजिक स्वीकृति का राजनीतिक विश्लेषण
Author(s): Prof Mahendra KumarAbstract
समकालीन भारत में नागरिकता सम्मान और पहचान की राजनीति सामाजिक तथा राजनीतिक विमर्श के केंद्र में स्थित महत्वपूर्ण विषय बन चुके हैं। वैश्वीकरण लोकतंत्रीकरण तकनीकी विकास और सामाजिक चेतना के विस्तार ने विभिन्न समुदायों को अपनी विशिष्ट पहचान के प्रति अधिक जागरूक बनाया है। जाति धर्म भाषा क्षेत्र लिंग तथा सांस्कृतिक विविधताओं के आधार पर निर्मित पहचानें आज केवल सामाजिक अस्तित्व का प्रश्न नहीं रह गई हैं बल्कि वे राजनीतिक प्रतिनिधित्व अधिकारों की प्राप्ति और सामाजिक स्वीकृति से भी गहराई से जुड़ गई हैं। नागरिकता का प्रश्न केवल संवैधानिक अधिकारों तक सीमित नहीं है बल्कि सम्मानजनक जीवन और समान अवसरों की उपलब्धता से भी संबंधित है। समकालीन भारत में विभिन्न समूह अपनी पहचान के आधार पर सामाजिक मान्यता और राजनीतिक भागीदारी की मांग कर रहे हैं। यह शोधपत्र नागरिकता सम्मान और पहचान की राजनीति के अंतर्संबंधों का विश्लेषण करते हुए यह समझने का प्रयास करता है कि सामाजिक स्वीकृति की प्रक्रिया किस प्रकार राजनीतिक संरचनाओं और सामाजिक संबंधों को प्रभावित करती है।