कल्याण से सामाजिक नागरिकता तक: भारत में डिजिटल शासन के माध्यम से सामाजिक संबंधों एवं राज्य-नागरिक संबंधों का बदलता स्वरूप
Author(s): Prof Surya KumarAbstract
भारत में कल्याणकारी शासन का स्वरूप पिछले दशक में डिजिटल तकनीकों के तीव्र विस्तार के कारण महत्वपूर्ण रूप से परिवर्तित हुआ है। आधार प्रत्यक्ष लाभ अंतरण डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना ऑनलाइन सरकारी सेवाएँ और डिजिटल पहचान प्रणालियों ने राज्य और नागरिक के बीच पारंपरिक प्रशासनिक संबंधों को नए रूप में संगठित किया है। यह अध्ययन भारत में डिजिटल शासन के माध्यम से कल्याणकारी राज्य से सामाजिक नागरिकता की ओर हो रहे परिवर्तन का समाजशास्त्रीय विश्लेषण प्रस्तुत करता है। अध्ययन का मुख्य ध्यान इस बात पर है कि डिजिटल माध्यम किस प्रकार नागरिकों की राज्य तक पहुँच अधिकारों की प्राप्ति सामाजिक सुरक्षा प्रशासनिक पारदर्शिता और नागरिक-राज्य संबंधों को पुनर्गठित कर रहे हैं। द्वितीयक स्रोतों सरकारी दस्तावेजों नीतिगत रिपोर्टों और समाजशास्त्रीय साहित्य के आधार पर अध्ययन यह तर्क प्रस्तुत करता है कि डिजिटल शासन ने लाभ वितरण को अधिक प्रत्यक्ष त्वरित और अभिलेखित बनाया है लेकिन साथ ही पहचान प्रमाणीकरण डेटा और तकनीकी क्षमता पर निर्भरता के कारण नए बहिष्करण की संभावनाएँ भी उत्पन्न हुई हैं। निष्कर्षतः डिजिटल सामाजिक नागरिकता तभी समावेशी हो सकती है जब तकनीकी दक्षता के साथ अधिकार पारदर्शिता गोपनीयता और मानवीय सहायता सुनिश्चित की जाए।